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mahabharat 9.43.16: उसके प्रभाव से सरस्वती स्वाभाविक हो गई और उसका जल पहले के समान स्वच्छ हो गया ॥16॥   |   mahabharat अध्याय 9.43: ऋषियोंके प्रयत्नसे सरस्वतीके शापकी निवृत्ति, जलकी शुद्धि तथा अरुणासंगममें स्नान करनेसे राक्षसों और इन्द्रका संकटमोचन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 43: ऋषियोंके प्रयत्नसे सरस्वतीके शापकी निवृत्ति, जलकी शुद्धि तथा अरुणासंगममें स्नान करनेसे राक्षसों और इन्द्रका संकटमोचन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  9.43.16 
तेषां तु सा प्रभावेण प्रकृतिस्था सरस्वती।
प्रसन्नसलिला जज्ञे यथापूर्वं तथैव हि॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उसके प्रभाव से सरस्वती स्वाभाविक हो गई और उसका जल पहले के समान स्वच्छ हो गया ॥16॥
 
Due to his influence, Saraswati became natural and its water became clean as before. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)