Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.42.32-33h: आप पुष्टि, कीर्ति, द्युति, सिद्धि, बुद्धि, उमा, वाणी और स्वाहा हैं। यह सम्पूर्ण जगत आपके अधीन है। आप ही चार प्रकार के रूप धारण करके समस्त प्राणियों में निवास करती हैं। 32 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.42: वसिष्ठापवाह तीर्थकी उत्पत्तिके प्रसंगमें विश्वामित्रका क्रोध और वसिष्ठजीकी सहनशीलता । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आप पुष्टि, कीर्ति, द्युति, सिद्धि, बुद्धि, उमा, वाणी और स्वाहा हैं। यह सम्पूर्ण जगत आपके अधीन है। आप ही चार प्रकार के रूप धारण करके समस्त प्राणियों में निवास करती हैं। 32 1/2॥
‘You are Pushti, Kirti, Dyuti, Siddhi, Buddhi, Uma, Vani and Swaha. This whole world is under your control. You are the one who resides in all living beings taking four types of forms. 32 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥