Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.42.30: हे सरस्वती! आप पितामह ब्रह्मा के सरोवर से प्रकट हुई हैं, इसीलिए आपका नाम सरस्वती है। यह सम्पूर्ण जगत आपके उत्तम जल से व्याप्त है। 30॥ | mahabharat अध्याय 9.42: वसिष्ठापवाह तीर्थकी उत्पत्तिके प्रसंगमें विश्वामित्रका क्रोध और वसिष्ठजीकी सहनशीलता । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे सरस्वती! आप पितामह ब्रह्मा के सरोवर से प्रकट हुई हैं, इसीलिए आपका नाम सरस्वती है। यह सम्पूर्ण जगत आपके उत्तम जल से व्याप्त है। 30॥
Saraswati! You have appeared from the lake of Grandfather Brahma, that is why your name is Saraswati. This entire world is pervaded by your excellent water. 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥