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mahabharat 9.42.16: वह विधवा स्त्री जिसका पति मारा गया हो, के समान अत्यन्त दुःखी होकर उन महामुनि से बोली - 'प्रभु! आप ही बताइए, मैं आपकी किस आज्ञा का पालन करूँ?'॥16॥   |   mahabharat अध्याय 9.42: वसिष्ठापवाह तीर्थकी उत्पत्तिके प्रसंगमें विश्वामित्रका क्रोध और वसिष्ठजीकी सहनशीलता   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 42: वसिष्ठापवाह तीर्थकी उत्पत्तिके प्रसंगमें विश्वामित्रका क्रोध और वसिष्ठजीकी सहनशीलता  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  9.42.16 
हतवीरा यथा नारी साभवद् दु:खिता भृशम्।
ब्रूहि किं करवाणीति प्रोवाच मुनिसत्तमम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वह विधवा स्त्री जिसका पति मारा गया हो, के समान अत्यन्त दुःखी होकर उन महामुनि से बोली - 'प्रभु! आप ही बताइए, मैं आपकी किस आज्ञा का पालन करूँ?'॥16॥
 
Like a widow whose husband has been killed, she became very sad and said to that great sage - 'Prabhu! Tell me, which of your orders should I follow?'॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)