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श्लोक  9.42.15 
तत एनं वेपमाना विवर्णा प्राञ्जलिस्तदा।
उपतस्थे मुनिवरं विश्वामित्रं सरस्वती॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इससे सरस्वती का तेज क्षीण हो गया और वे हाथ जोड़कर कांपती हुई ऋषि विश्वामित्र के समक्ष प्रकट हुईं।
 
Due to this the radiance of Saraswati faded and she appeared before the sage Visvamitra, trembling with folded hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)