Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.41.21: ‘तुम्हारा राष्ट्र उनके द्वारा बलिदान हो रहा है, इसलिए उसका महान विनाश हो रहा है। यह सब उन्हीं के तप का प्रभाव है, जिसके कारण इस समय तुम्हारा राष्ट्र महान विनाश को प्राप्त हो रहा है।॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 9.41: अवाकीर्ण और यायात तीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दाल्भ्यकी कथा और ययातिके यज्ञका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 41: अवाकीर्ण और यायात तीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दाल्भ्यकी कथा और ययातिके यज्ञका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  9.41.21 
तेन ते हूयमानस्य राष्ट्रस्यास्य क्षयो महान्।
तस्यैतत् तपस: कर्म येन तेऽद्य लयो महान्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
‘तुम्हारा राष्ट्र उनके द्वारा बलिदान हो रहा है, इसलिए उसका महान विनाश हो रहा है। यह सब उन्हीं के तप का प्रभाव है, जिसके कारण इस समय तुम्हारा राष्ट्र महान विनाश को प्राप्त हो रहा है।॥ 21॥
 
‘Your nation is being sacrificed by them; hence it is facing great destruction. All this is the effect of their penance, due to which your nation is facing great dissolution at this time.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)