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श्लोक  9.40.20 
ददृशेऽथ तत: सर्वं भज्यमानं महावनम्।
तस्य क्रुद्धो महाराज वसिष्ठो मुनिसत्तम:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जब वे वापस आए तो उन्होंने देखा कि सारा विशाल वन उजाड़ हो रहा है। महाराज! यह देखकर ऋषि वशिष्ठ राजा विश्वामित्र पर क्रोधित हो गए।
 
When he came back he saw that the whole huge forest was becoming desolate. Maharaj! Seeing this sage Vasishtha became angry with king Vishwamitra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)