Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.4.50-51h: राजन्! मैं इस संधि को आपके लिए लाभदायक मानता हूँ। पांडवों से युद्ध को नहीं। मैं यह सब कायरता या अपनी जान बचाने के लिए नहीं कह रहा हूँ। मैं आपके हित के लिए कह रहा हूँ। मरते समय आपको यह बात याद रहेगी।' | mahabharat अध्याय 9.4: कृपाचार्यका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतत् क्षेममहं मन्ये न च पार्थैश्च विग्रहम्।
न त्वां ब्रवीमि कार्पण्यान्न प्राणपरिरक्षणात् ॥ ५०॥
पथ्यं राजन् ब्रवीमि त्वां तत्परासु: स्मरिष्यसि।
अनुवाद
राजन्! मैं इस संधि को आपके लिए लाभदायक मानता हूँ। पांडवों से युद्ध को नहीं। मैं यह सब कायरता या अपनी जान बचाने के लिए नहीं कह रहा हूँ। मैं आपके हित के लिए कह रहा हूँ। मरते समय आपको यह बात याद रहेगी।'
‘King! I consider this treaty to be beneficial for you. Not the war with the Pandavas. I am not saying all this out of cowardice or to save my life. I am telling you for your benefit. You will remember this when you are dying. 50 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥