Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.4.46: हे राजन! अच्छा होगा कि हम राजा युधिष्ठिर को प्रणाम करके अपना राज्य पुनः प्राप्त कर लें। जो मूर्खतावश हार मान लेता है, उसका कभी कल्याण नहीं हो सकता। 46. | mahabharat अध्याय 9.4: कृपाचार्यका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रणिपत्य हि राजानं राज्यं यदि लभेमहि।
श्रेय: स्यान्न तु मौढॺेन राजन् गन्तु: पराभवम्॥ ४६॥
अनुवाद
हे राजन! अच्छा होगा कि हम राजा युधिष्ठिर को प्रणाम करके अपना राज्य पुनः प्राप्त कर लें। जो मूर्खतावश हार मान लेता है, उसका कभी कल्याण नहीं हो सकता। 46.
‘O King! It would be better if we bow down before King Yudhishthira and regain our kingdom. One who accepts defeat out of stupidity can never prosper. 46.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥