Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.4.45: जो राजा अपना कल्याण नहीं समझता और सज्जनों का अपमान करता है, वह शीघ्र ही अपना राज्य खो देता है और कभी कल्याण नहीं प्राप्त करता॥ 45॥   |   mahabharat अध्याय 9.4: कृपाचार्यका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 4: कृपाचार्यका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  9.4.45 
न जानीते हि य: श्रेय: श्रेयसश्चावमन्यते।
स क्षिप्रं भ्रश्यते राज्यान्न च श्रेयोऽनुविन्दते॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
जो राजा अपना कल्याण नहीं समझता और सज्जनों का अपमान करता है, वह शीघ्र ही अपना राज्य खो देता है और कभी कल्याण नहीं प्राप्त करता॥ 45॥
 
‘A king who does not understand his own welfare and insults the noble men, soon loses his kingdom. He never attains welfare.॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)