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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 4: कृपाचार्यका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना
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श्लोक 40
श्लोक
9.4.40
युष्माभिस्तानि चीर्णानि यान्यसाधूनि साधुषु।
अकारणकृतान्येव तेषां व: फलमागतम्॥ ४०॥
अनुवाद
पाण्डव तो पुण्यात्मा पुरुष हैं, परन्तु तुम सबने उनके साथ अनावश्यक ही अनुचित व्यवहार किया है, उसी का यह परिणाम है॥40॥
The Pandavas are virtuous men, but you all have unnecessarily treated them in an inappropriate manner, and this is the result of that.॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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