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mahabharat 9.4.39: ‘जब कर्ण के साथ युद्ध चल रहा था, तब कर्ण के आगे होने पर भी पाण्डवों द्वारा रक्षित सेना को हराना उसके लिए कठिन हो गया, क्योंकि गांडीव धारण किये हुए अर्जुन सुदृढ़ सेना के साथ उसकी रक्षा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 9.4: कृपाचार्यका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 4: कृपाचार्यका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  9.4.39 
प्रमुखस्थे तदा कर्णे बलं पाण्डवरक्षितम्।
दुरासदं तदा गुप्तं व्यूढं गाण्डीवधन्वना॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
‘जब कर्ण के साथ युद्ध चल रहा था, तब कर्ण के आगे होने पर भी पाण्डवों द्वारा रक्षित सेना को हराना उसके लिए कठिन हो गया, क्योंकि गांडीव धारण किये हुए अर्जुन सुदृढ़ सेना के साथ उसकी रक्षा कर रहे थे।
 
‘When the battle was going on with Karna, even though Karna was in front, the army protected by the Pandavas became difficult for him to defeat because Arjuna, wielding the Gandiva, was protecting him with a strong formation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)