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mahabharat 9.39.8-9h: जनमेजय ने पूछा - हे ब्रह्मन्! उस तीर्थ का नाम कपालमोचन कैसे पड़ा, जहाँ महामुनि महोदर को मोक्ष प्राप्त हुआ था? वह सिर उनकी जाँघ से कैसे और किस कारण से चिपक गया?॥8 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.39: औशनस एवं कपालमोचनतीर्थकी माहात्म्यकथा तथा रुषंगुके आश्रम पृथूदकतीर्थकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.39.8-9h 
जनमेजय उवाच
कपालमोचनं ब्रह्मन् कथं यत्र महामुनि:॥ ८॥
मुक्त: कथं चास्य शिरो लग्नं केन च हेतुना।
 
 
अनुवाद
जनमेजय ने पूछा - हे ब्रह्मन्! उस तीर्थ का नाम कपालमोचन कैसे पड़ा, जहाँ महामुनि महोदर को मोक्ष प्राप्त हुआ था? वह सिर उनकी जाँघ से कैसे और किस कारण से चिपक गया?॥8 1/2॥
 
Janamejaya asked - O Brahman! How did that pilgrimage get the name Kapalmochan, where Mahamuni Mahodar got salvation? How and for what reason did that head get stuck to his thigh?॥ 8 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)