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स्वर्गं च परमं स्थानं नृणामभ्युदयार्थिनाम्।
ददासि कर्मिणां कर्म भावयन् ध्यानयोगत:॥
अनुवाद
आप स्वयं उन कल्याण चाहने वाले तथा सत्कर्मों में तत्पर मनुष्यों के कर्मों का विचार करके उन्हें श्रेष्ठ पद अर्थात् स्वर्ग प्रदान कीजिए।
‘You yourself, after contemplating the deeds of those people who wish for prosperity and are devoted to good deeds, grant them the best position - heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥