Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.38.41-42: राजन! नरेश्वर! तब ब्रह्मा आदि देवताओं तथा तपोधन महर्षियों ने महादेवजी से ऋषि के विषय में प्रार्थना की - 'देव! आप कोई ऐसा उपाय करें, जिससे ये ऋषिगण नाच न सकें ॥41-42॥ | mahabharat अध्याय 9.38: सप्तसारस्वततीर्थकी उत्पत्ति, महिमा और मंकणक मुनिका चरित्र । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मादिभि: सुरै राजन्नृषिभिश्च तपोधनै:॥ ४१॥
विज्ञप्तो वै महादेव ऋषेरर्थे नराधिप।
नायं नृत्येद् यथा देव तथा त्वं कर्तुमर्हसि॥ ४२॥
अनुवाद
राजन! नरेश्वर! तब ब्रह्मा आदि देवताओं तथा तपोधन महर्षियों ने महादेवजी से ऋषि के विषय में प्रार्थना की - 'देव! आप कोई ऐसा उपाय करें, जिससे ये ऋषिगण नाच न सकें ॥41-42॥
Rajan! Nareshwar! Then the gods like Brahma and Tapodhan Maharshi requested Mahadevji about the sage - 'Dev! You should take some measures so that these sages do not dance. 41-42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥