Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.38.36-37: उस कलश में सात ऋषि उत्पन्न हुए, जो मूल मरुद्गण थे। उनके नाम इस प्रकार हैं - वायुवेग, वायुबल, वायु, वायुमंगल, वायुज्वाल, वायुरेता और शक्तिशाली वायुचक्र। ये उनचास मरुद्गण 'मारुत' नाम से उत्पन्न हुए ॥36-37॥ | mahabharat अध्याय 9.38: सप्तसारस्वततीर्थकी उत्पत्ति, महिमा और मंकणक मुनिका चरित्र । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस कलश में सात ऋषि उत्पन्न हुए, जो मूल मरुद्गण थे। उनके नाम इस प्रकार हैं - वायुवेग, वायुबल, वायु, वायुमंगल, वायुज्वाल, वायुरेता और शक्तिशाली वायुचक्र। ये उनचास मरुद्गण 'मारुत' नाम से उत्पन्न हुए ॥36-37॥
Seven sages were born in that pot, who were the original Marudgans. Their names are as follows – Vayuveg, Vayubal, Vayuha, Vayumangal, Vayujwal, Vayureta and powerful Vayuchakra. These forty-nine Marudganas were born as 'Marut'. 36-37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥