Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.37.42-43: वे महर्षि नैमिषारण्यवासियों के बारह वर्षीय यज्ञ में बहुत समय तक रहे। जब वह यज्ञ समाप्त हो गया, तो अनेक महर्षि तीर्थयात्रा का आनंद लेने के लिए वहाँ आये। | mahabharat अध्याय 9.37: विनशन, सुभूमिक, गन्धर्व, गर्गस्रोत, शंख, द्वैतवन तथा नैमिषेय आदि तीर्थोंमें होते हुए बलभद्रजीका सप्त सारस्वततीर्थमें प्रवेश । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे महर्षि नैमिषारण्यवासियों के बारह वर्षीय यज्ञ में बहुत समय तक रहे। जब वह यज्ञ समाप्त हो गया, तो अनेक महर्षि तीर्थयात्रा का आनंद लेने के लिए वहाँ आये।
Those great sages stayed for a long time in the twelve-year long yajna of the residents of Naimisharanya. When that yajna was over, many great sages came there to enjoy the pilgrimage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥