Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.37.25-26: वह वृक्ष सरस्वती का प्रसिद्ध पवित्र तीर्थ है। यदुश्रेष्ठ बलराम ने उस तीर्थस्थान पर दूध देने वाली गायें दान की थीं तथा ब्राह्मणों को ताँबे और लोहे के बर्तन और नाना प्रकार के वस्त्र दिए थे। ब्राह्मणों का पूजन करने के बाद तपस्वी ऋषियों ने स्वयं भी उनका पूजन किया था। 25-26 | mahabharat अध्याय 9.37: विनशन, सुभूमिक, गन्धर्व, गर्गस्रोत, शंख, द्वैतवन तथा नैमिषेय आदि तीर्थोंमें होते हुए बलभद्रजीका सप्त सारस्वततीर्थमें प्रवेश । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह वृक्ष सरस्वती का प्रसिद्ध पवित्र तीर्थ है। यदुश्रेष्ठ बलराम ने उस तीर्थस्थान पर दूध देने वाली गायें दान की थीं तथा ब्राह्मणों को ताँबे और लोहे के बर्तन और नाना प्रकार के वस्त्र दिए थे। ब्राह्मणों का पूजन करने के बाद तपस्वी ऋषियों ने स्वयं भी उनका पूजन किया था। 25-26
That tree is a well-known sacred pilgrimage place of Saraswati. The best of the Yadus, Balarama, donated milk-giving cows at that pilgrimage place and also gave copper and iron utensils and various kinds of clothes to the Brahmins. After worshipping the Brahmins, he himself was also worshipped by the ascetic sages. 25-26.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥