श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 37: विनशन, सुभूमिक, गन्धर्व, गर्गस्रोत, शंख, द्वैतवन तथा नैमिषेय आदि तीर्थोंमें होते हुए बलभद्रजीका सप्त सारस्वततीर्थमें प्रवेश  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  9.37.13-14h 
तस्माद् गन्धर्वतीर्थाच्च महाबाहुररिंदम:॥ १३॥
गर्गस्रोतो महातीर्थमाजगामैककुण्डली।
 
 
अनुवाद
उस गन्धर्वतीर्थ को छोड़कर एक कान में कुण्डल धारण करने वाले महाबाहु बलराम शत्रुदमन गर्गस्रोत नामक महान तीर्थस्थान पर आये ॥13 1/2॥
 
After leaving that Gandharvatirtha, Shatrudamana, the mighty-armed Balram, who wore an earring in one ear, came to a great pilgrimage place called Gargasrot. 13 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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