तब देव पुरोहित बृहस्पति जी ने वेद मन्त्रों की उस गर्जनापूर्ण ध्वनि को सुनकर देवताओं से कहा- 'देवगण! त्रित मुनिका यज्ञ हो रहा है, हमें वहाँ चलना चाहिए।
Then the god priest Brihaspati ji, hearing that thunderous sound of Veda mantras, said to the gods – 'Devgan! Trit Munika Yagya is taking place, we should go there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥