Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.36.22-24h: ‘त्रित यज्ञ करने में कुशल है, वेदों का पारंगत विद्वान है, अतः वह और भी बहुत सी गौएँ प्राप्त करेगा। अभी तो हम दोनों मिलकर इन गौओं को भगा दें और त्रित हमसे अलग होकर जहाँ चाहे वहाँ चला जाए।’॥22-23 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.36: उदपानतीर्थकी उत्पत्तिकी तथा त्रित मुनिके कूपमें गिरने, वहाँ यज्ञ करने और अपने भाइयोंको शाप देनेकी कथा । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘त्रित यज्ञ करने में कुशल है, वेदों का पारंगत विद्वान है, अतः वह और भी बहुत सी गौएँ प्राप्त करेगा। अभी तो हम दोनों मिलकर इन गौओं को भगा दें और त्रित हमसे अलग होकर जहाँ चाहे वहाँ चला जाए।’॥22-23 1/2॥
‘Trit is skilled in conducting sacrifices, Trit is an accomplished scholar of the Vedas, so he will acquire many more cows. For now, both of us should together drive away these cows and Trit should separate from us and go wherever he wishes.’॥ 22-23 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥