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mahabharat 9.35.87: तत्पश्चात् भगवान् बलरामजी चमसोद्भेद नामक तीर्थस्थान पर गए। उस तीर्थ को सब लोग चमसोद्भेद नाम से पुकारते हैं ॥87॥   |   mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.35.87 
ततस्तु चमसोद्भेदमच्युतस्त्वगमद् बली।
चमसोद्भेद इत्येवं यं जना: कथयन्त्युत॥ ८७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान् बलरामजी चमसोद्भेद नामक तीर्थस्थान पर गए। उस तीर्थ को सब लोग चमसोद्भेद नाम से पुकारते हैं ॥87॥
 
Thereafter Lord Balram went to a pilgrimage place named Chamsodbheda. Everyone calls that pilgrimage by the name of Chamsodbhed. 87॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)