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श्लोक  9.35.83 
स विसृष्टो महाराज जगामाथ स्वमालयम्।
प्रजाश्च मुदिता भूत्वा पुनस्तस्थुर्यथा पुरा॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! ऐसा कहकर प्रजापति ने उन्हें विदा किया। चन्द्रमा अपने स्थान पर चले गए और सब लोग पहले की भाँति सुखपूर्वक रहने लगे।
 
Maharaj! Saying this, Prajapati bid them farewell. The moon went back to its place and all the people started living happily as before. 83.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)