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mahabharat 9.35.82: बेटा! अपनी स्त्री और ब्राह्मणों का कभी तिरस्कार मत करो। जाओ, सदैव सावधान रहो और मेरी आज्ञा का पालन करो।॥ 82॥   |   mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.35.82 
मावमंस्था: स्त्रिय: पुत्र मा च विप्रान् कदाचन।
गच्छ युक्त: सदा भूत्वा कुरु वै शासनं मम॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
बेटा! अपनी स्त्री और ब्राह्मणों का कभी तिरस्कार मत करो। जाओ, सदैव सावधान रहो और मेरी आज्ञा का पालन करो।॥ 82॥
 
Son! Never disregard your wives and brahmins. Go, always be cautious and follow my instructions.'॥ 82॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)