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mahabharat 9.35.79: अमावस्या के दिन तेज और कांति से परिपूर्ण चन्द्रमा ने उस तीर्थ में स्नान किया, जिससे उन्हें शीतल किरणें प्राप्त हुईं और वे सम्पूर्ण जगत को प्रकाशित करने लगीं ॥79॥   |   mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.35.79 
अमावास्यां महातेजास्तत्रोन्मज्जन् महाद्युति:।
लोकान् प्रभासयामास शीतांशुत्वमवाप च॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
अमावस्या के दिन तेज और कांति से परिपूर्ण चन्द्रमा ने उस तीर्थ में स्नान किया, जिससे उन्हें शीतल किरणें प्राप्त हुईं और वे सम्पूर्ण जगत को प्रकाशित करने लगीं ॥79॥
 
The moon, full of brilliance and radiance, took a dip in that holy place on the new moon day. Due to this he received cool rays and they started illuminating the entire world. 79॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)