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mahabharat 9.35.61-62h: पृथ्वीनाथ! यह सुनकर भगवान दक्ष क्रोधित हो गए। क्रोध में आकर उन्होंने चंद्रमा के लिए राजयक्ष्मा उत्पन्न किया। वह चंद्रमा के भीतर प्रवेश कर गया।   |   mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.35.61-62h 
तच्छ्रुत्वा भगवान् क्रुद्धो यक्ष्माणं पृथिवीपते॥ ६१॥
ससर्ज रोषात् सोमाय स चोडुपतिमाविशत्।
 
 
अनुवाद
पृथ्वीनाथ! यह सुनकर भगवान दक्ष क्रोधित हो गए। क्रोध में आकर उन्होंने चंद्रमा के लिए राजयक्ष्मा उत्पन्न किया। वह चंद्रमा के भीतर प्रवेश कर गया।
 
Prithvinath! Hearing this, Lord Daksh became furious. In anger, he created Rajayakshma for the moon. He entered inside the moon. 61 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)