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श्लोक  9.35.57 
तासां तद् वचनं श्रुत्वा दक्ष: सोममथाब्रवीत्।
समं वर्तस्व भार्यासु मा त्वां शप्स्ये विरोचन॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर दक्ष ने सोम से पुनः कहा - 'हे तेजस्वी चन्द्रदेव! आपको अपनी सभी पत्नियों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, अन्यथा मैं आपको शाप दे दूँगा।'
 
Hearing this, Daksha again said to Som - 'O shining moon-god! You must treat all your wives equally, or else I will curse you.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)