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mahabharat 9.35.52: यह सुनकर प्रजापति दक्ष ने चंद्रमा से कहा - 'सोम! तुम्हें अपनी सभी पत्नियों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, जिससे तुम्हें कोई महान पाप न करना पड़े।'   |   mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.35.52 
श्रुत्वा तासां तु वचनं दक्ष: सोममथाब्रवीत्।
समं वर्तस्व भार्यासु मा त्वाधर्मो महान् स्पृशेत्॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर प्रजापति दक्ष ने चंद्रमा से कहा - 'सोम! तुम्हें अपनी सभी पत्नियों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, जिससे तुम्हें कोई महान पाप न करना पड़े।'
 
On hearing this, Prajapati Daksha said to the Moon - 'Som! You should treat all your wives equally, so that you do not commit a great sin.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)