Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.35.47: वे सभी विशाल नेत्रों से सुशोभित थीं। इस पृथ्वी पर कोई भी ऐसी स्त्रियाँ नहीं थीं जो उनकी सुन्दरता की बराबरी कर सकें। उनमें भी रोहिणी अपने सौन्दर्य और तेज की दृष्टि से अन्य सभी से श्रेष्ठ थीं। 47। | mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सभी विशाल नेत्रों से सुशोभित थीं। इस पृथ्वी पर कोई भी ऐसी स्त्रियाँ नहीं थीं जो उनकी सुन्दरता की बराबरी कर सकें। उनमें भी रोहिणी अपने सौन्दर्य और तेज की दृष्टि से अन्य सभी से श्रेष्ठ थीं। 47।
All of them were adorned with huge eyes. There was no woman on this earth who could match their beauty. Among them too, Rohini was superior to all others in terms of her beauty and splendor. 47.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥