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mahabharat 9.35.45: वैशम्पायन बोले, "हे भाई! प्रजानाथ! प्रजापति दक्ष के बहुत से पुत्र थे। उनमें से उन्होंने अपनी सत्ताईस पुत्रियों का विवाह चन्द्रमा के साथ कर दिया था।"   |   mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.35.45 
वैशम्पायन उवाच
दक्षस्य तनयास्तात प्रादुरासन् विशाम्पते।
स सप्तविंशतिं कन्या दक्ष: सोमाय वै ददौ॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन बोले, "हे भाई! प्रजानाथ! प्रजापति दक्ष के बहुत से पुत्र थे। उनमें से उन्होंने अपनी सत्ताईस पुत्रियों का विवाह चन्द्रमा के साथ कर दिया था।"
 
Vaishampayana said, "O dear brother! Prajanath! Prajapati Daksha had many children. Out of them, he had married twenty-seven of his daughters to the Moon. 45.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)