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श्लोक  9.35.44 
कथमाप्लुत्य तस्मिंस्तु पुनराप्यायित: शशी।
एतन्मे सर्वमाचक्ष्व विस्तरेण महामुने॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
हे मुनिश्रेष्ठ! उस तीर्थ में स्नान करने से चन्द्रमा पुनः स्वस्थ कैसे हो गया? कृपया मुझे यह सब विस्तारपूर्वक बताइए॥ 44॥
 
O great sage! How did the Moon become healthy again after taking a dip in that holy place? Please tell me all this in detail. ॥ 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)