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श्लोक  9.35.37 
एवं स वित्तं प्रददौ महात्मा
सरस्वतीतीर्थवरेषु भूरि।
ययौ क्रमेणाप्रतिमप्रभाव-
स्तत: कुरुक्षेत्रमुदारवृत्ति:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार उदार स्वभाव वाले तथा अद्वितीय प्रभाव वाले बलराम ने सरस्वती के महान तीर्थ स्थानों पर बहुत सारा धन दान किया और धीरे-धीरे भ्रमण करते हुए वे कुरुक्षेत्र पहुँचे।
 
In this manner, Balarama, a person of generous nature and of unparalleled influence, donated a lot of wealth at the great pilgrimage places of Saraswati and gradually while travelling he reached Kurukshetra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)