Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.35.32: वीर राजन! वहाँ जाने वाले सभी लोगों को वह मार्ग स्वर्ग के समान सुखमय प्रतीत होता था। उस मार्ग पर सदैव आनन्द रहता था, स्वादिष्ट भोजन मिलता था और सौभाग्य की ही प्राप्ति होती थी। 32॥ | mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वीर राजन! वहाँ जाने वाले सभी लोगों को वह मार्ग स्वर्ग के समान सुखमय प्रतीत होता था। उस मार्ग पर सदैव आनन्द रहता था, स्वादिष्ट भोजन मिलता था और सौभाग्य की ही प्राप्ति होती थी। 32॥
Brave king! To all the people traveling there, that road seemed as pleasant as heaven. There was always joy on that route, delicious food was available and only good luck was achieved. 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥