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श्लोक  9.35.27 
तत्र तत्र स्थिता राजन् रौहिणेयस्य शासनात्।
भक्ष्यपेयस्य कुर्वन्ति राशींस्तत्र समन्तत:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे महाराज! रोहिणीपुत्र बलराम की आज्ञा से उनके सेवक विभिन्न तीर्थस्थानों पर खाने-पीने की वस्तुओं के ढेर लगाते थे।
 
King! By the order of Rohini's son Balarama, his servants used to keep heaps of eatables and drinks at various places of pilgrimage.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)