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श्लोक  9.35.25 
तानि यानीह देशेषु प्रतीक्षन्ति स्म भारत।
बुभुक्षितानामर्थाय क्लृप्तमन्नं समन्तत:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
भारत! अलग-अलग देशों में लोगों को उनकी मनचाही चीज़ें दी गईं। भूखों को खिलाने के लिए हर जगह खाने का इंतज़ाम किया गया।
 
India! In different countries, people were given whatever they desired. Food was arranged everywhere to feed the hungry.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)