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mahabharat 9.35.12: महाबाहु मधुसूदन! उन कौरवों की भी सहायता करो। परन्तु श्रीकृष्ण ने उस समय उनकी बात नहीं मानी।'॥ 12॥   |   mahabharat अध्याय 9.35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.35.12 
तेषामपि महाबाहो साहाय्यं मधुसूदन।
क्रियतामिति तत् कृष्णो नास्य चक्रे वचस्तदा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु मधुसूदन! उन कौरवों की भी सहायता करो। परन्तु श्रीकृष्ण ने उस समय उनकी बात नहीं मानी।'॥ 12॥
 
Mahabahu Madhusudan! Help those Kauravas too. But Shri Krishna did not listen to him at that time.'॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)