Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.34.15-16: इसी प्रकार राजाओं ने भी उनसे भेंट करके उनका कुशलक्षेम पूछा। हलधर ने सभी महामनस्वी क्षत्रियों का आदर किया और आयु के अनुसार एक-एक करके उनका कुशलक्षेम पूछा तथा श्रीकृष्ण और सात्यकि को प्रेमपूर्वक गले लगाया।   |   mahabharat अध्याय 9.34: बलरामजीका आगमन और स्वागत तथा भीमसेन और दुर्योधनके युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 34: बलरामजीका आगमन और स्वागत तथा भीमसेन और दुर्योधनके युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 15-16
 
 
श्लोक  9.34.15-16 
तथैव ते समासाद्य पप्रच्छुस्तमनामयम्।
प्रत्यभ्यर्च्य हली सर्वान् क्षत्रियांश्च महात्मन:॥ १५॥
कृत्वा कुशलसंयुक्तां संविदं च यथावय:।
जनार्दनं सात्यकिं च प्रेम्णा स परिषस्वजे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार राजाओं ने भी उनसे भेंट करके उनका कुशलक्षेम पूछा। हलधर ने सभी महामनस्वी क्षत्रियों का आदर किया और आयु के अनुसार एक-एक करके उनका कुशलक्षेम पूछा तथा श्रीकृष्ण और सात्यकि को प्रेमपूर्वक गले लगाया।
 
Similarly, the kings also met them and enquired about their health. Haldhar respected all the great-minded Kshatriyas and asked about their well-being one by one according to their age and embraced Shri Krishna and Satyaki lovingly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)