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mahabharat 9.33.7-8h: इस बार तुमने पहले की तरह फिर से जुए का खेल शुरू कर दिया है। प्रजानाथ! तुम्हारा यह खेल शकुनि के खेल से भी कहीं ज़्यादा ख़तरनाक है।   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.33.7-8h 
तदिदं द्यूतमारब्धं पुनरेव यथा पुरा॥ ७॥
विषमं शकुनेश्चैव तव चैव विशाम्पते।
 
 
अनुवाद
इस बार तुमने पहले की तरह फिर से जुए का खेल शुरू कर दिया है। प्रजानाथ! तुम्हारा यह खेल शकुनि के खेल से भी कहीं ज़्यादा ख़तरनाक है।
 
‘This time you have started this game of gambling again like before. Prajanath! This game of yours is far more dangerous than Shakuni's. 7 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)