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mahabharat 9.33.6-7h: मैं कुंतीपुत्र भीमसेन के अतिरिक्त किसी अन्य को ऐसा नहीं देखता जो गदायुद्ध में दुर्योधन का सामना कर सके, किन्तु भीमसेन ने भी अधिक प्रयास नहीं किया है।   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  9.33.6-7h 
नान्यमस्यानुपश्यामि प्रतियोद्धारमाहवे॥ ६॥
ऋते वृकोदरात् पार्थात् स च नातिकृतश्रम:।
 
 
अनुवाद
मैं कुंतीपुत्र भीमसेन के अतिरिक्त किसी अन्य को ऐसा नहीं देखता जो गदायुद्ध में दुर्योधन का सामना कर सके, किन्तु भीमसेन ने भी अधिक प्रयास नहीं किया है।
 
I do not see anyone other than Kunti's son Bhimasena who can face Duryodhana in a mace fight, but even Bhimasena has not put in much effort. 6 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)