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mahabharat 9.33.52: दुर्योधन ने कहा, "हे वृकोदर! घमंड करने से क्या लाभ? आज मुझसे युद्ध करो। मैं युद्ध के लिए तुम्हारा सारा साहस नष्ट कर दूँगा।"   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.33.52 
दुर्योधन उवाच
किं कत्थितेन बहुना युद्धॺस्वाद्य मया सह।
अद्य तेऽहं विनेष्यामि युद्धश्रद्धां वृकोदर॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा, "हे वृकोदर! घमंड करने से क्या लाभ? आज मुझसे युद्ध करो। मैं युद्ध के लिए तुम्हारा सारा साहस नष्ट कर दूँगा।"
 
Duryodhan said, "O Vrikodara, what is the use of boasting? Fight me today. I will destroy all your courage for war."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)