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mahabharat 9.33.48: ‘तुम्हारे भाई, वीर पुत्र, सैनिक तथा अन्य बहुत से वीर राजा, जो युद्ध में कभी पीठ नहीं दिखाते थे, वे भी मृत्यु के शिकार हो गए हैं ॥ 48॥   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  9.33.48 
भ्रातरस्ते हता: शूरा: पुत्राश्च सहसैनिका:।
राजानश्च हता: शूरा: समरेष्वनिवर्तिन:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
‘तुम्हारे भाई, वीर पुत्र, सैनिक तथा अन्य बहुत से वीर राजा, जो युद्ध में कभी पीठ नहीं दिखाते थे, वे भी मृत्यु के शिकार हो गए हैं ॥ 48॥
 
‘Your brothers, valiant sons, soldiers and many other valiant kings who never turned their backs in battle have also fallen prey to death. ॥ 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)