Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.33.4-5h: मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि आप युद्ध में गदाधारी दुर्योधन का सामना करने में समर्थ हैं। हे राजन! भीमसेन को मारने की इच्छा से उसने अपनी लौह प्रतिमा के साथ तेरह वर्षों तक गदायुद्ध का अभ्यास किया है। | mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न समर्थानहं मन्ये गदाहस्तस्य संयुगे।
एतेन हि कृता योग्या वर्षाणीह त्रयोदश॥ ४॥
आयसे पुरुषे राजन् भीमसेनजिघांसया।
अनुवाद
मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि आप युद्ध में गदाधारी दुर्योधन का सामना करने में समर्थ हैं। हे राजन! भीमसेन को मारने की इच्छा से उसने अपनी लौह प्रतिमा के साथ तेरह वर्षों तक गदायुद्ध का अभ्यास किया है।
I do not believe that you are capable of facing the mace-wielding Duryodhana in battle. O King! With the desire to kill Bhimasena, he has practised mace-fighting with his iron statue for thirteen years. 4 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥