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mahabharat 9.33.35: अनघ! आज मैं तुम्हारे गले में यश की माला डालूँगा और आज यह दुर्योधन अपना राज्य-धन और प्राण त्याग देगा।   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.33.35 
अद्य कीर्तिमयीं मालां प्रतिमोक्ष्ये तवानघ।
प्राणान् श्रियं च राज्यं च मोक्ष्यतेऽद्य सुयोधन:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
अनघ! आज मैं तुम्हारे गले में यश की माला डालूँगा और आज यह दुर्योधन अपना राज्य-धन और प्राण त्याग देगा।
 
Anagh! Today I will put a garland of fame around your neck and today this Duryodhan will give up his kingdom's wealth and his life.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)