Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.33.34: पाण्डुपुत्र! हे राजन! आज मैं अपनी गदा से पापी दुर्योधन को मारकर तुम्हारे हृदय का काँटा निकाल दूँगा; अतः तुम प्रसन्न होओ।'   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.33.34 
शल्यमद्योद्धरिष्यामि तव पाण्डव हृच्छयम्।
निहत्य गदया पापमद्य राजन् सुखी भव॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
पाण्डुपुत्र! हे राजन! आज मैं अपनी गदा से पापी दुर्योधन को मारकर तुम्हारे हृदय का काँटा निकाल दूँगा; अतः तुम प्रसन्न होओ।'
 
Son of Pandu! O King! Today I shall kill the sinner Duryodhana with my mace and remove the thorn from your heart; therefore, please be happy.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)