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mahabharat 9.33.19-20: मेरी यह गदा दुर्योधन की गदा से डेढ़ गुना भारी है। दुर्योधन की गदा ऐसी नहीं है, इसलिए माधव! चिन्ता मत करो। मैं युद्धभूमि में इसी गदा से उससे लड़ने का साहस रखता हूँ।   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध  »  श्लोक 19-20
 
 
श्लोक  9.33.19-20 
अध्यर्धेन गुणेनेयं गदा गुरुतरी मम॥ १९॥
न तथा धार्तराष्ट्रस्य मा कार्षीर्माधव व्यथाम्।
अहमेनं हि गदया संयुगे योद्‍धुमुत्सहे॥ २०॥
 
 
अनुवाद
मेरी यह गदा दुर्योधन की गदा से डेढ़ गुना भारी है। दुर्योधन की गदा ऐसी नहीं है, इसलिए माधव! चिन्ता मत करो। मैं युद्धभूमि में इसी गदा से उससे लड़ने का साहस रखता हूँ।
 
This mace of mine is one and a half times heavier than Duryodhan's mace. Duryodhan's mace is not like this, therefore Madhav! Do not be distressed. I have the courage to fight him with this mace in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)