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mahabharat 9.33.15: यदि युद्ध का भार भीमसेन पर डाल दिया जाए, तो भी इसमें संदेह नहीं कि हम विजयी होंगे, क्योंकि न्यायपूर्वक युद्ध करने वाले योद्धाओं में महाबली सुयोधन को सबसे अधिक अभ्यास है॥15॥   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  9.33.15 
वृकोदरं समासाद्य संशयो वै जये हि न:।
न्यायतो युध्यमानानां कृती ह्येष महाबल:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
यदि युद्ध का भार भीमसेन पर डाल दिया जाए, तो भी इसमें संदेह नहीं कि हम विजयी होंगे, क्योंकि न्यायपूर्वक युद्ध करने वाले योद्धाओं में महाबली सुयोधन को सबसे अधिक अभ्यास है॥15॥
 
Even if the responsibility of the battle is put on Bhimasena, there is no doubt that we will be victorious, because among the warriors who fight justly, the mighty Suyodhana has the most practice.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)