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mahabharat 9.33.14: भरत! जब ऐसी स्थिति थी, तब तुम अपने शत्रु से यह कैसे कह सकते थे कि, 'गदा से युद्ध करो और हममें से किसी एक को मारकर राजा बन जाओ' ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.33.14 
स कथं वदसे शत्रुं युध्यस्व गदयेति हि।
एकं च नो निहत्याजौ भव राजेति भारत॥ १४॥
 
 
अनुवाद
भरत! जब ऐसी स्थिति थी, तब तुम अपने शत्रु से यह कैसे कह सकते थे कि, 'गदा से युद्ध करो और हममें से किसी एक को मारकर राजा बन जाओ' ॥14॥
 
Bharata! When this was the situation, how could you say to your enemy, 'Fight with the mace and kill one of us and become the king'? ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)