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श्लोक 9.32.71  |
अस्मिन् मुहूर्ते सत्यं वा मिथ्या वै तद् भविष्यति।
गृह्णातु च गदां यो वै योत्स्यतेऽद्य मया सह॥ ७१॥ |
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| अनुवाद |
| मेरी बात सत्य है या असत्य, यह इसी क्षण स्पष्ट हो जाएगा। जो कोई आज मुझसे युद्ध करने को तैयार हो, वह गदा उठा ले। ॥71॥ |
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| Whether my words are true or false, it will become clear in this moment. Whoever is ready to fight with me today, should pick up the mace.' ॥ 71॥ |
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इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि गदापर्वणि युधिष्ठिरदुर्योधनसंवादे द्वात्रिंशोऽध्याय:॥ ३२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वके अन्तर्गत गदापर्वमें युधिष्ठिर और दुर्योधनका संवादविषयक बत्तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३२॥
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