श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  9.32.69 
गदायुद्धे न मे कश्चित् सदृशोऽस्तीति चिन्तये।
गदया वो हनिष्यामि सर्वानेव समागतान्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
मैं सदैव यह स्मरण रखता हूँ कि ‘गदायुद्ध में मेरी बराबरी करनेवाला कोई नहीं है।’ जब मैं गदासे सामना करूँगा, तब तुम सबको मार डालूँगा। ॥69॥
 
I always remember this: 'There is no one who can equal me in mace fighting.' When I come face to face with the mace, I will kill all of you. ॥ 69॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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