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mahabharat 9.32.46: उन्होंने तीन स्थानों से अपनी भौंहें टेढ़ी कीं, अपने होठों को दांतों से दबाया और श्रीकृष्ण सहित पाण्डवों से इस प्रकार कहा।   |   mahabharat अध्याय 9.32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  9.32.46 
त्रिशिखां भ्रुकुटीं कृत्वा संदष्टदशनच्छद:।
प्रत्युवाच ततस्तान् वै पाण्डवान् सह केशवान्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने तीन स्थानों से अपनी भौंहें टेढ़ी कीं, अपने होठों को दांतों से दबाया और श्रीकृष्ण सहित पाण्डवों से इस प्रकार कहा।
 
He bent his eyebrows at three places, pressed his lips with his teeth and spoke thus to the Pandavas including Shri Krishna. 46.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)